शहरके पंचायत समिति सभागार भवन में गुरुवार को उपखंड स्तरीय जनसुनवाई एवं सतर्कता समिति की बैठक का आयोजन एसडीएम मुकेश चौधरी की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें सर्वप्रथम पिछली बैठक की उपस्थिति में अधिकारियों से प्रोग्रेस रिपोर्ट पूछी और बचे हुए प्रकरणों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश प्रदान किए। गुरुवार की जनसुनवाई में प्रार्थी करणसिंह सोहनलाल राठी ने प्रार्थना पत्र पेश किया कि उनके बिजली का बिल ज्यादा रहा है डिस्कॉम के अधिकारियों को बार-बार ध्यान दिलाने के बावजूद वे कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। एसडीएम चौधरी ने डिस्कॉम के एईएन को मौके पर सवाल-जवाब कर प्रार्थी की समस्या का निवारण कर तुरंत राहत दिलवाने के निर्देश प्रदान किए।
कैटलशेड के भुगतान की मांग उठाई : पार्षदविकास टांक ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया कि उनके वार्ड में आम रास्ते पर अतिक्रमण है, जिससे लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है। ऐसे में रास्ते की पैमाइश कर अतिक्रमण को बेदखल किया जाए। एसडीएम चौधरी ने तहसीलदार को जल्दी ही जांच कर मौका रिपोर्ट पेश करने की बात कहीं।
कमठेनिर्माण कार्य के साथ बजरी व्यवसाय के माध्यम से मजदूरी के जरिए अपनी रोजी-रोटी चलाने वाले श्रमिकों ने बुधवार को एसडीएम मुकेश चौधरी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कर रोजगार उपलब्ध करवाने की मांग की है। कांग्रेस के पूर्व मुख्य संगठक रतनप्रकाश ईचरशा की अगुवाई में सौंपे ज्ञापन में श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्या से अवगत करते बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पिछले 15 से 20 दिनों से रेत खनन पर रोक है। ऐसे में रेत के अभाव में सभी भवन निर्माण कार्य बंद पड़े हैं। ठेकेदार इतने लंबे समय तक बिना काम के मजदूरी नहीं दे सकता ज्यादातर मजदूर निर्माण कार्यों में ही नियोजित होते हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना कर कोर्ट को खनन जारी करने के लिए आश्वस्त करें ताकि श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो सके। बिना रोजगार के अभाव में लोगों का घर खर्च चलना मुश्किल हो गया है। कृपया श्रमिकों के बच्चों का ध्यान रखते हुए कोई अन्य रोजगार भी उपलब्ध भी करवा दे।
सोजत | राजस्थानरोडवेज की बस बुधवार को सोजत से ब्यावर की आेर जा रही का डीजल खत्म हो गया। इससे सवारियों को करीब 20 मिनट तक परेशानी का सामना करना पड़ा। गनीमत रही कि पेट्रोल पम्प पास में ही था तो चालक परिचालक ने ड्रम के जरिए डीजल लाकर टंकी में भर दिया। जानकारी के अनुसार पाली से सुजानगढ़ के बीच चलने वाली राजस्थान रोडवेज की बस सोजत से ब्यावर की आेर रवाना हुई। रोडवेज के मरूधर केसरी सड़क मार्ग पार कर फोरलेन पर आने के लिए जैसे ही सर्विस लाइन पर आई तो डीजल के अभाव में बंद हो गई। इससे बस में बैठे सभी नागरिक नीचे उतरे और डीजल का इंतजार करने लगे, लेकिन गनीमत रही कि पेट्रोल पम्प पास में ही था तो चालक ड्रम के जरिए डीजल लाकर टंकी में भर दिया 20 मिनट बाद बस पुन: अपने मार्ग की आेर चल दी।
*⛳विशाल भगवा रैली⛳* ⚔⚔🏹🏹⚔⚔ *दिनांक:- 6-12-2017* *बाबरी ढाँचे को गिराये जाने के 25 वर्ष पूर्ण होने रजत जयंती के उपलक्ष में बुधवार को शौर्य दिवस के रूप में बजरंग दल दारा विशाल जुलूस सोजत में निकाला गया ।
6 दिसंबर 1992, इस तारीख को भारतीय राजनीति ने पूरी तरह से करवट ले ली थी. इसी दिन अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ था. आज इस घटना को 25 साल पूरे हो रहे हैं. देश में एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा राजनीतिक केंद्र में है. 25वीं सालगिरह को देखते हुए अयोध्या समेत पूरे उत्तर प्रदेश में कड़ी सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं.
VHP मनाएगा शौर्य दिवस
विश्व हिंदू परिषद आज अयोध्या और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में शौर्य दिवस मनाएगा. जिसको लेकर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, अलर्ट भी जारी किया गया है. VHP के अलावा पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी कोलकाता में इस पर रैली करेंगी. वहीं लेफ्ट पार्टियां भी बाबरी मस्जिद गिरने का विरोध करेंगी.
केंद्र ने राज्यों को जारी किया अलर्ट
बाबरी मस्जिद विध्वंस के 25 साल पूरे होने से पहले केंद्र ने सभी राज्यों को सतर्क रहने और शांति सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि देश में कहीं भी सांप्रदायिक तनाव की घटना ना हों. केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे एक पत्र में उनसे संवेदनशील जगहों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती करने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है, ताकि शांति व्यवस्था में खलल डालने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके.
सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई
विध्वंस की 25वीं वर्षगांठ से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद स्वामित्व विवाद पर सुनवाई हुई. इसके बाद मसले पर राजनीति भी गर्म हो गई है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है. कोर्ट में अब अगली सुनवाई 8 फरवरी 2018 को होगी. सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने मामले की सुनवाई 2019 तक टालने तक कही है. वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सभी दस्तावेज पूरे करने की मांग की है.
क्या हुआ था 6 दिसंबर, 1992 को?
6 दिसंबर 1992 को हिंदू कार सेवकों की लाखों की भीड़ ने बाबरी मस्जिद के ढांचे को ढहा दिया, जिसके बाद देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक दंगे हुए. जब विवादित ढांचा गिराया गया, उस समय राज्य में कल्याण सिंह की सरकार थी. उस दिन सुबह करीब साढ़े दस बजे हजारों-लाखों की संख्या में कारसेवक विवादित स्थल पर पहुंचने लगे.
भीड़ की जुबां पर उस वक्त ‘जय श्री राम’ का ही नारा था. भीड़ उन्मादी हो चुकी थी. विश्व हिंदू परिषद, भाजपा के कुछ नेता वहां मौजूद थे. भारी सुरक्षा के बीच लोग लगातार बाबरी मस्जिद की तरफ कदम बढ़ा रहे थे. हालाकि पहली कोशिश में पुलिस इन्हें रोकने में कामयाब हुई थी. दोपहर 12 बजे के करीब कारसेवकों का एक बड़ा जत्था मस्जिद की दीवार पर चढ़ने लगा. लाखों के भीड़ में कारसेवक मस्जिद पर टूट पड़े और कुछ ही देर में मस्जिद को कब्जे में ले लिया.
पुलिस के आला अधिकारी मामले की गंभीरता को समझ रहे थे लेकिन गुंबद के आसपास मौजूद कार सेवकों को रोकने की हिम्मत किसी में नहीं थी. मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का साफ आदेश था कि कार सेवकों पर गोली नहीं चलेगी. दोपहर के तीन बजकर चालीस मिनट पर पहला गुंबद भीड़ ने तोड़ दिया और फिर 5 बजने में जब पांच मिनट का वक्त बाकी था तब तक पूरा का पूरा विवादित ढांचा जमींदोज हो चुका था.