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Jio का फिर से बड़ा ऐलान, अब इन यूजर्स को नहीं देने होंगे कॉलिंग के पैसे

Reliance Jio ने अपने कस्टमर्स से नॉन जियो कॉलिंग पर पैसे लेने का फैसला किया है.


लेकिन अब तक लोगों को ये कन्फ्यूजन थी कि ये कब से लागू होगा. रिलायंस जियो के एक स्टेटमेंट आया है जिसके बाद अब लोगों को इस महत्वपूर्ण सवाल का जवाब मिल गया है रिलायंस जियो ने कहा है कि जिन कस्टमर्स ने 9 अक्टूबर से पहले अपने नंबर पर रिचार्ज कराया था वो नॉन जियो यूजर्स को भी फ्री कॉल कर पाएंगे. लेकिन जैसे ही ये प्लान एक्स्पायर होगा आपको नॉन जियो कॉलिंग के लिए पैसे देने होंगे.



Reliance Jio ने एक ट्वीट किया है. इसमें कंपनी ने कहा है, ‘अगर आपने 9 अक्टूबर या इससे पहले रिचार्ज कराया है तो आप फ्री कॉल कर सकेंगे (नॉन जियो कस्टमर्स) को भी. जब तक आपका प्लान एक्स्पायर नहीं हो जाता है’ रिलायंस जियो के सबसे पॉपुलर प्लान की वैलिडिटी 84 दिन की है. लेकिन कुछ पैक्स एक साल की वैलिडिटी वाले हैं, तो क्या एक साल तक नॉन जियो कस्टमर्स पर कॉलिंग के पैसे नहीं देने होंगे? Reliance Jio ने एक ट्वीट किया है. इसमें कंपनी ने कहा है, ‘अगर आपने 9 अक्टूबर या इससे पहले रिचार्ज कराया है तो आप फ्री कॉल कर सकेंगे (नॉन जियो कस्टमर्स) को भी. जब तक आपका प्लान एक्स्पायर नहीं हो जाता है’

रिलायंस जियो के सबसे पॉपुलर प्लान की वैलिडिटी 84 दिन की है. लेकिन कुछ पैक्स एक साल की वैलिडिटी वाले हैं, तो क्या एक साल तक नॉन जियो कस्टमर्स पर कॉलिंग के पैसे नहीं देने होंगे? गौरतलब है कि TRAI ने जब IUC यानी Interconnect Usage Charge को 2017 में 14 पैसे से घटा कर 6 पैसे किया था तब कहा था कि इस साल के आखिर तक इसे 0 किया जा सकता है.



अगर आपके जियो प्लान की वैलिडिटी तीन महीने की है और आपने 9 अक्टूबर से पहले रिचार्ज कराया है तो मुमकिन है आगे भी आप फ्री नॉन जियो कॉलिंग कर पाएं, क्योंकि अगर TRAI IUC को जीरो करता है तो जियो से नॉन जियो कॉलिंग भी फ्री हो जाएगी. अगर आपके जियो प्लान की वैलिडिटी तीन महीने की है और आपने 9 अक्टूबर से पहले रिचार्ज कराया है तो मुमकिन है आगे भी आप फ्री नॉन जियो कॉलिंग कर पाएं, क्योंकि अगर TRAI IUC को जीरो करता है तो जियो से नॉन जियो कॉलिंग भी फ्री हो जाएगी. [...]

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मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, पंगु हुई धारा-370, जम्मू-कश्मीर से अलग हुआ लद्दाख

नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर पर बहुत बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने संकल्प राज्यसभा में पेश किया है. इसके अलावा राज्यसभा में अमित शाह [...]read moreमोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, पंगु हुई धारा-370, जम्मू-कश्मीर से अलग हुआ लद्दाख

चंद्रयान-2 | व्हीकल सिस्टम में खराबी से 56 मिनट पहले लॉन्चिंग टली, इसरो ने कहा- जल्द नई तारीख तय करेंगे

व्हीकल सिस्टम में खराबी से 56 मिनट पहले लॉन्चिंग टली, इसरो ने कहा- जल्द नई तारीख तय करेंगे



  • चंद्रयान-2 को अक्टूबर 2018 में लॉन्च किया जाना था, लेकिन अब तक 4 बार मिशन की तारीख बदली गई

  • भारत के दूसरे मून मिशन में इस्तेमाल होने वाले रॉकेट और अन्य उपकरणों की लागत 978 करोड़ रुपए

  • इजराइल ने बीते फरवरी में मून मिशन भेजा था, उसकी लागत 1400 करोड़ रुपए थी


नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग ऐन वक्त पर टाल दी। यह मिशन सोमवार रात 2.51 बजे लॉन्च होना था, लेकिन इससे कुछ देर पहले लॉन्चिंग व्हीकल सिस्टम में तकनीकी खराबी का पता चला। मिशन की शुरुआत से करीब 56 मिनट इसरो ने ट्वीट कर लॉन्चिंग आगे बढ़ाने का ऐलान कर दिया। इसरो के एसोसिएट डायरेक्टर (पब्लिक रिलेशन) बीआर गुरुप्रसाद ने बताया कि जल्द ही प्रक्षेपण की नई तारीख तय होगी। चंद्रयान मिशन को देखने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी रात को श्रीहरिकोटा में थे।

इसरो चंद्रयान-2 को पहले अक्टूबर 2018 में लॉन्च करने वाला था। बाद में इसकी तारीख बढ़ाकर 3 जनवरी और फिर 31 जनवरी कर दी गई। लेकिन कुछ अन्य कारणों से इसे 15 जुलाई तक टाल दिया गया। इस दौरान बदलावों की वजह से चंद्रयान-2 का भार भी पहले से बढ़ गया। ऐसे में जीएसएलवी मार्क-3 में भी कुछ बदलाव किए गए थे।
चंद्रयान-2 मिशन क्या है? यह चंद्रयान-1 से कितना अलग है?

नई तारीख तय होने पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन सेंटर से चंद्रयान-2 को भारत के सबसे ताकतवर जीएसएलवी मार्क-III रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। चंद्रयान-2 वास्तव में चंद्रयान-1 मिशन का ही नया संस्करण है। इसमें ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल हैं। चंद्रयान-1 में सिर्फ ऑर्बिटर था, जो चंद्रमा की कक्षा में घूमता था। चंद्रयान-2 के जरिए भारत पहली बार चांद की सतह पर लैंडर उतारेगा। यह लैंडिंग चांद के दक्षिणी ध्रुव पर होगी। इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर यान उतारने वाला पहला देश बन जाएगा।

दूसरे देशों द्वारा भेेजे गए मिशन से कितना सस्ता है चंद्रयान-2?




















यान



लागत



चंद्रयान-2



978 करोड़ रुपए



बेरशीट (इजराइल)



1400 करोड़ रुपए



चांग’ई-4 (चीन)



1200 करोड़



*इजराइल ने फरवरी 2019 में बेरशीट लॉन्च किया था, जो अप्रैल में लैंडिंग के वक्त क्रैश हो गया। चीन ने 7 दिसंबर 2018 को चांग’ई-4 लॉन्च किया था, जिसने 3 जनवरी को चांद की सतह पर सफल लैंडिंग की।

मिशन लॉन्च होने के बाद चंद्रयान-2 को पृथ्वी की कक्षा में जाने में कितना समय लगेगा?

मिशन को जीएसएलवी मार्क-III से भेजा जाएगा। रॉकेट को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचने में 16 मिनट का समय लगेगा। इसे चांद की सतह तक पहुंचने में 1,296 घंटे यानी 54 दिन का समय लगेगा। [...]

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डेढ़ साल पहले लगी राेक के बावजूद अवैध बजरी का काराेबार

डेढ़ साल पहले लगी राेक के बावजूद अवैध बजरी का काराेबार


सुप्रीम काेर्ट ने बजरी खनन पर राेक लगा रखी है। डेढ़ साल पहले लगी राेक के बावजूद अवैध बजरी का काराेबार हाे रहा है। हालात ये है कि खनिज विभाग और  पुलिस की शह पर अवैध काराेबार बढ़ा है। इन सबके बीच सिर्फ जनता परेशान है। जनता की परेशानियाें के बीच दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार  पाली, जालाेर, सिराेही, बाड़मेर, जैसलमेर, नागाैर, िचत्ताैड़गढ़, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा अाैर डूंगरपुर के साथ सामने आया दस जिलाें में सरकारी इमारतें तक अवैध बजरी से बन रही है।

पाली में कलेक्ट्रेट में पार्किंग शेड का निर्माण हो या सेंदड़ा में पुलिस थाने में क्वार्टर निर्माण हो या फिर बाड़मेर या जालोर के सरकारी दफ्तर का निर्माण कार्य सभी जगह निर्माण हो रहा है और यहां बजरी के ढेर लगे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रोक के बाद अफसरों की नाक के नीचे आखिर बजरी आ कहां से रही है? सच यह है कि खनिज व पुलिस अधिकारी सुप्रीम काेर्ट के आदेश के बाद मालामाल हो गए हैं। लगभग हर जिले में दोनों विभागों के अधिकारियों ने बजरी खनन की आड़ में अपनी भागीदारी तय कर रखी है। इसके चलते प्रदेश में बजरी खनन की आड़ में संगठित गिरोह पनप गया है। इनके इरादे भी इतने खतरनाक हैं, कई बार अधिकारियों की जान लेने का प्रयास भी कर चुके हैं। पुलिस ने अवैध बजरी परिवहन कर रहे डंपर-ट्रैक्टर पकड़ती है, तो उन पर एमएमडीआर एक्ट में मुकदमा दर्ज करने के बजाय ज्यादातर काे मोटर व्हीकल एक्ट में पकड़ना दिखाकर एक-दो दिन में छोड़ देती है। या फिर माइनिंग की पेनल्टी रसीद का चालान काट छोड़ देती है। पाली जिले के 28 थानों में अब तक कुल 79 वाहनों को पकड़ा गया है।

मकान निर्माण की लागत भी बढ़ी : बजरी बंद होने से आम आदमी के घर के सपनों पर दोहरी मार पड़ रही है, क्योंकि बजरी का भाव 5 से 10 गुणा तक होने के कारण उनके मकान में निर्माण की लागत बढ़ गई है।
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