2 दिन तक बाढ़ में रहे ग्रामीणों से मंत्री 20 मिनट में मिल कर चले गए, ग्रामीण बोले-सब कुछ बर्बाद हो गया
पाली-सिरोहीएनएच 162 पर स्थित है करीब 300 की आबादी वाला ढोला गांव। शनिवार तक यहां सब कुछ सामान्य था, लेकिन फोरलेन निर्माण करने वाली कंपनी एनएचएआई की लापरवाही से रविवार देर रात गांव में पानी का ऐसा मंजर आया कि सब कुछ तबाह हो गया। सोमवार रात तक ग्रामीण पानी से घिरे रहे, लेकिन मंगलवार को पानी बिल्कुल उतर गया। पानी उतरने के बाद ग्रामीणों ने बाढ़ की स्थिति के बाद जो मंजर देखा, वह भयावह था। गांव में सैकड़ों मवेशी पशु मर गए, जिनके मृत शरीर इधर-उधर पड़े थे। घरों में पानी घुसने से खाने-पीने के साथ घरेलू सामान नष्ट हो गया, तो सालभर के लिए स्टॉक कर रखा खाद्यान्न पानी से सड़-गल गया। ऐसा मंजर ढोला गांव के कमोबेश हर घर में था। दो दिन तक बाढ़ में फंसे ग्रामीणों का दुख-दर्द जानने के लिए मंगलवार दोपहर बाद पंचायतीराज मंत्री एवं प्रभारी मंत्री राजेंद्र राठौड़ पहुंचे। पहले तो उन्होंने कार में बैठकर फ्लाईओवर के पास से गुजरते हुए गांव का जायजा लिया, लेकिन मीडियाकर्मियों का जमावड़ा देखा तो कार से उतर कर उप मुख्य सचेतक मदन राठौड़ अन्य जन प्रतिनिधियों के साथ पैदल ही गांव का दौरा करने के लिए रवाना हुए। 20 मिनट तक करीब 30 घरों का जायजा लेकर उन्होंने ग्रामीणों से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और वहां से रवाना हो गए। यह देख सरकारी राहत की उम्मीद जगाए खड़े ग्रामीण ताकते ही रह गए। दौरे में जिला प्रमुख पेमाराम सीरवी, यूआईटी चेयरमैन संजय ओझा प्रधान श्रवण बंजारा भी साथ रहे। इधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चुन्नीलाल चाड़वास ने भी ढोला गांव का दौरा किया।
अतिवृष्टि से प्रभावितों लोगों से जानकारी लेने के लिए प्रभारी मंत्री उप मुख्य सचेतक राठौड़।
बड़ा सवाल
असलमें पाली जिले में नेशनल हाईवे 162 ब्यावर से पिंडवाड़ा तक गुजरता है, जिस पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से फोरलेन निर्माण कराया गया। फोरलेन का निर्माण एलएंडटी की ओर से किया गया। बर से लेकर सुमेरपुर तक फोरलेन पर आबादी के पास फ्लाइओवर निर्माण में बारिश के पानी की निकासी को लेकर बरती गई तकनीकी गड़बड़ी को लेकर पाली से लेकर जयपुर तक जनप्रतिनिधि शिकायत कर चुके हैं। जिले के सांसद एवं केंद्रीय विधि राज्यमंत्री पीपी चौधरी, सुमेरपुर विधायक एवं उप मुख्य सचेतक मदन राठौड़, सोजत विधायक संजना आगरी, मारवाड़ जंक्शन विधायक केसाराम चौधरी, जिला प्रमुख पेमाराम सीरवी समेत कई जनप्रतिनिधि जिला स्तर पर आयोजित सरकारी बैठकों में फोरलेन निर्माण में रही तकनीकी खामियों को दूर करने की बात कह चुके हैं।
एक साल की अवधि में जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने पांच बार जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली। प्रभारी मंत्री ने प्रत्येक जिला स्तरीय बैठक में एलएंडटी जोधपुर-पाली फोरलेन बनाने वाली जीआर इंफ्रा के खिलाफ फोरलेन निर्माण में तकनीकी कमियां छोड़ने के चलते कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। हर बैठक में एनएचएआई के अफसर भी मौजूद रहे, जिन्हें भी प्रभारी मंत्री फटकार लगाते रहे, मगर तो फोरलेन निर्माण कराने वाली कंपनी पर कोई कार्रवाई हुई और ही तकनीकी गड़बडिय़ों को सुधारा गया। चौंकाने वाली बात तो यह है कि प्रत्येक बैठक में खुद प्रभारी मंत्री राठौड़ इन कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड करने की बात कह रहे थे, लेकिन इनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई तक नहीं हुई। इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने का नतीजा यह रहा कि ढोला गांव के ग्रामीणों को दो दिन बाढ़ के हालात का सामना करना पड़ा और अपना सब कुछ गंवाना पड़ा।
क्या मंत्री की भी नहीं सुनती फोरलेन निर्माण कंपनी?