मेलावास के ग्रामीणों ने खुद ही मेहनत कर गांव सुधारा, अब मेहंदी से सजेंगे रोजगार के रंग

मेलावास के ग्रामीणों ने खुद ही मेहनत कर गांव सुधारा, अब मेहंदी से सजेंगे रोजगार के रंग

जिलेमें सोजत के पास स्थित और मेहंदी की खेती के लिए प्रसिद्ध गांव मेलावास को राजस्थान बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की एक्सीलेंस डेवलपमेंट अवार्ड श्रेणी में दर्ज किया गया है। संस्था की ओर से ऑनलाइन ऐसे गांवों की जानकारी मांगी गई थी, जहां कम समय में जनसहभागिता से अच्छे विकास कार्य हुए हों। संस्था अध्यक्ष जोधपुर निवासी विकास चांडक ने बताया कि जानकारी आने के बाद उनकी टीम ने उन गांवों का भ्रमण कर तथ्य जांचे, रिपोर्ट तैयार की। उसके आधार पर मेलावास को अवार्ड श्रेणी में दर्ज किया गया।

सोलरएनर्जी, वाटर स्टोरेज आरओ प्लांट से बने आधुनिक, स्वच्छता पर भी जोर : सोलरएनर्जी के जरिए एलईडी लाइटों से जगमगाते इस गांव में अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज सिस्टम भी जन सहयोग से तैयार किया गया है, जिसमें एक माह तक का करीब 8 हजार लीटर पानी स्टोर किया जा सकता है। गांव के लोग आरओ प्लांट का पानी पीते हैं। यहां हर संस्थान, घर स्कूल के बाहर डस्टबिन रखे हैं। यानी गांव के लोग स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति भी जागरूक हैं। सड़कें भी सीमेंट-कंक्रीट की बनी हैं।

गांव का प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन दो घंटे गांव के विकास सौंदर्यीकरण के लिए देता है। इसके अलावा एक वर्ग राशि जुटाता है, तो दूसरा वर्ग टेक्नोलॉजी आधारित काम में सहयोग देता है। सभी के सहयोग से महज चार साल में गांव का कायापलट हो गया। गांव के रहवासी आईआरएस ऑफिसर सोनी ने बताया कि लंबे समय तक ग्रामीणों से समझाइश की गई कि गांव के मुद्दे-समस्याएं खुद ही सुलझाएं, यहीं रोजगार के साधन विकसित करें।

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