GST एवं कर की दर, इन चीजों पर टैक्स घटा

जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में फर्टिलाइजर पर लगने वाले जीएसटी को 12% से घटाकर 5% किया गया।)
देश में हर साल करीब 22.4 करोड़ टन खाद्यान्न का प्रोडक्शन होता है। खाद्यान्न और अन्य फसलें उगाने के लिए देश में हर साल किसान करीब 550 लाख टन फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल करते हैं। अभी तक फर्टिलाइजर्स 0 से 8% के टैक्स स्लैब में थे, लेकिन जीएसटी के बाद ये 12% के स्लैब में रखे गए थे। अगर 12% टैक्स रहता तो एक यूरिया बैग (50 kg) की कीमतों में 35 रुपए तक की बढ़ोतरी होती। फिलहाल जीएसटी काउंसिल ने किसानों को बड़ी राहत दी है।
ट्रैक्टर के कल-पुर्जों पर अब 18% टैक्स
- जीएसटी काउंसिल ने ट्रैक्टर के कल-पुर्जों पर भी टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया है। ट्रैक्टर निर्माण के लिए जरूरी कंपोनेंट्स पर पहले 5 से 17% तक टैक्स लगता था, जिसे शुरू में जीएसटी काउंसिल ने 18 से 28% कर दिया था। इस पर किसानों की चिंता थी कि उन्हें ट्रैक्टर खरीदने पर ज्यादा कीमत चुकानी होगी। अब जीएसटी काउंसिल ने ट्रैक्टर के कल-पुर्जों पर जीएसटी के तहत 18% टैक्स फाइनल किया है।
- बता दें कि भारत में हर साल करीब 6.5 लाख ट्रैक्टर की बिक्री होती है। इनमें सबसे ज्यादा बिक्री काम्पैक्ट ट्रैक्टर (14 से 42 एचपी) की होती है, जिनकी कीमत करीब 2.5 लाख रुपए से लेकर 5.5 लाख रुपए के बीच है।
- इन चीजों पर टैक्स घटा-
- इंसुलिन पर 12% से घटाकर 5%
- स्कूल बैग्स पर 28% से घटाकर 18%
- एक्सरसाइज बुक्स पर 18% से घटाकर 12%
- कंप्यूटर प्रिंटर 28% से घटाकर 18%
- अगरबत्ती पर 12% से घटाकर 5%
- काजू पर 12% घटाकर 5%
- डेंटल वैक्स पर 28% से घटाकर 8%
- प्लास्टिक बेडस् पर 28% से घटाकर 18%
- प्लास्टिक टर्पोलिन पर 28% से घटाकर 18%
- कलरिंग बुक्स पर 12% से घटकर 0
- प्री-कॉस्ट कंक्रीट पाइप्स पर 28% से घटाकर 18%
- कल्टरी पर 18% से घटकर 12%
- ट्रैक्टर कंपोनेंट्स पर 28% से घटाकर 18%
फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने बताया कि सिनेमा पर जीएसटी रेट को दो कैटेगरी में रखा गया है। नए रेट्स के अनुसार, 100 रुपए से ज्यादा के मूवी टिकट पर 28 फीसदी और 100 रुपए तक के टिकट पर 18 फीसदी टैक्स लगेगा।
जेटली ने कहा, ‘‘अभी इंटरटेनमेंट टैक्स अलग-अलग राज्य अपना-अपना वसूलते हैं। जिनके रेट अलग-अलग हैं, जो 28 से 110 फीसदी के बीच है। पूरे देश में एवरेट इंटरनेटमेंट टैक्स करीब 30 फीसदी है।’’
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- इस पर अभी 2% से 2.5% टैक्स लगता है। जीएसटी के तहत गोल्ड पर 3% टैक्स लगाया जाएगा।
- टेक्सटाइल्स – कॉटन फैब्रिक/यार्न:जीएसटी के तहत 5% टैक्स लगाया जाएगा। अभी इस पर 0% टैक्स लगता है।
- रेडीमेड गारमेंट: इस पर 12% टैक्स लगाया जाएगा। लेकिन, 1000 रुपए से कम के गारमेंट पर 5% जीएसटी लगाया जाएगा।
1) गोल्ड
- अभी कितना टैक्स:अभी 10% कस्टम ड्यूटी। मैन्युफैक्चरिंग पर 1% एक्साइज। बिक्री पर 1% वैट लगता है। केरल में वैट 5% है। रफ डायमंड पर 0.25% टैक्स लगेगा।
- जीएसटी के बाद:3% टैक्स।
2) टेक्सटाइल
- अभी कितना टैक्स: कॉटन फाइबर और फैब्रिक पर 0% तो सिंथेटिक पर 12.5% एक्साइज है। 1,000 रु. से कम के कपड़े पर एक्साइज नहीं लगता। इससे ज्यादा पर 12.5% एक्साइज और 5% वैट है। ब्रांडेड कपड़े पर सेनवैट के साथ 12.5% टैक्स है। कॉटन पर यह 6% है।
- जीएसटी के बाद: सिल्क और जूट पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। कॉटन और नेचुरल फाइबर पर 5% टैक्स लगेगा। 1000 रुपए से कम के गारमेंट पर 5% और रेडीमेड गारमेंट पर 12% टैक्स लगेगा। मैनमेड यार्न और फैब्रिक पर 18% टैक्स लगेगा।
3) बिस्किट
- अभी कितना टैक्स: 100 रुपए/किलो से कम दाम वाले बिस्किट पर एक्साइज नहीं लगता, वैट 4.5% से 14.5% तक है। ज्यादा कीमत वाले बिस्किट पर 6% एक्साइज, वैट 6-14.5% तक है। ओवरऑल ये 12% से 20.5% तक रहता है।
- जीएसटी के बाद: सभी तरह के बिस्किट पर 18% टैक्स।
4) बीड़ी-तेंदूपत्ता
- अभी कितना टैक्स: अभी इस पर 20% टैक्स लगता है।
- जीएसटी के बाद: बीड़ी के पत्ते पर 18% टैक्स। बीड़ी पर 28% टैक्स लगेगा, लेकिन कोई सेस नहीं लगेगा।
5) फुटवियर
- अभी कितना टैक्स:फिलहाल 500 से 1000 रुपए तक की कीमत वाले फुटवियर पर 6% टैक्स लगता है। इसके अलावा राज्य वैट भी लगाते हैं।
- जीएसटी के बाद:500 रुपए तक 5% टैक्स लगेगा। 500 रुपए से ज्यादा कीमत वाले फुटवियर पर 18% होगा।
6) एग्रीकल्चर मशीनें
- एग्रीकल्चर मशीनों पर 5% जीएसटी लगाया जाएगा।
- इसके अलावा सोलर पैनल पर 5% टैक्स लगेगा। इसके अलावा पैकेज्ड फूड आइटम पर 5% टैक्स तय किया गया है।
- 0% GST Rate Services – नॉन-एसी ट्रेन टिकट, मेट्रो, बस, ऑटो, शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक और चैरिटेबल सेवाएं, टोल, बिजली, रिहायशी घर का किराया, पीएफआरडीए, ईपीएफओ और ईएसआईसी की सेवाएं, म्यूजियम, नेशनल पार्क में एंट्री, जनधन और अटल पेंशन जैसी सरकारी योजनाएं, 1,000 रुपए तक किराये वाले होटल, दूध, नमक, आटा, दाल, चावल जैसी चीजों की ढुलाई।
5% GST Rate Services – ट्रेन या ट्रक से माल ढुलाई, एसी ट्रेन टिकट, कैब सेवा, विमान का इकोनॉमी क्लास का टिकट, टूर ऑपरेटर सर्विसेज, विमान की लीजिंग, प्रिंट मीडिया में एडवर्टाइजिंग।
12% GST Rate Services – रेलवे कंटेनर से सामान ढुलाई, विमान का बिजनेस क्लास का टिकट, नॉन-एसी रेस्तरां में खाना, रोजाना 1000-2500 रुपए किराये वाला होटल, कॉम्प्लेक्स या बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन, पेटेंट अधिकार का अस्थायी ट्रांसफर।
18% GST Rate Services – फोन बिल, बैंकिंग, बीमा और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज, एसी और शराब लाइसेंस वाले रेस्तरां, आउटडोर कैटरिंग में खाने की सप्लाई, रोजाना 2500-5000 रु. किराए वाले होटल, सर्कस, क्लासिकल और फोक डांस, थियेटर और ड्रामा के 250 रु. से ज्यादा के टिकट, वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट की कंपोजिट सप्लाई।
28% GST Rate Services – सिनेमा टिकट,थीम पार्क, वाटर पार्क, मेरी-गो-राउंड, गोकार्टिंग, कैसिनो, रेसकोर्स, बैले, आईपीएल जैसे स्पोर्ट्स इवेंट, फाइव स्टार या इससे अधिक रेटिंग वाले होटल के रेस्तरां, रोजाना 5,000 रुपए से अधिक रूम रेंट वाले होटल, गैंबलिंग।
इन प्रोडक्ट्स पर 28% टैक्स के साथ सेस भी लगेंगे
- पेट्रोल: 4 मीटर से कम लंबी, 1200 सीसी से कम इंजन, कैपेसिटी- 1%, सेस कुल टैक्स 29%।
- डीजल: 4 मीटर से कम लंबी, 1500 सीसी से कम इंजन, कैपेसिटी- 3%, सेस कुल टैक्स 31%।
- अन्य सभी कार और एसयूवी: 15% सेस, कुल टैक्स 43%।
- मोटरसाइकिल 350 सीसी से ज्यादा कैपेसिटी वाली: 3% सेस, कुल टैक्स 31%।
- प्राइवेट प्लेन और याट: 3% सेस, कुल टैक्स 31%।
- कोल्ड ड्रिंक्स, लेमोनेड: 12% सेस, कुल टैक्स 40%।
- बिना तंबाकू के पान मसाले: 60% सेस, कुल टैक्स 88%।
- तंबाकू वाला गुटखा: 204% सेस. कुल टैक्स 232%।
- अन्य तंबाकू प्रोडक्ट्स: 61-160% सेस, कुल टैक्स 89-188%
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किस कार पर कितना सेस?कार सेगमेंटलंबाई और सीसीसेस (फीसदी)छोटी (पेट्रोल)4 मी से कम और 1200 सीसी से कम1छोटी (डीजल)4 मी से कम और 1500 सीसी से कम3मिड सेगमेंट1500 सीसी से कम15बड़ी कार1500 सीसी से ज्यादा15एसयूवी4 मी से कम और 1500 सीसी से कम15मिग सेगमेंट हाइब्रिड1500 सीसी से कम15हाइब्रिड1500 सीसी से कम15हाइड्रोजन व्हीकल4 मीटर से कम15मोटरसाइकिल1500 सीसी से कम3एयरक्रॉफ्ट (पर्सनल यूज)–3याच–3
इन 5 देशों में जीएसटी लागू हुआ तो जीडीपी गिरी
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, मलेशिया और सिंगापुर ने 1991 से 2000 के बीच जीएसटी लागू किया। 1994 में जब सिंगापुर ने जीएसटी लागू किया तो उस साल जीडीपी में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। आईएमएफ के मुताबिक जीएसटी लागू होने से पहले सिंगापुर की जीडीपी 5.5% थी, जबकि जीएसटी लागू करने के बाद यह नेगेटिव में चली गई और -3% तक लुढ़क गई।