अस्पताल को मिला एनेस्थिसिया विशेषज्ञ, फिर शुरू होंगे अॉपरेशन

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लंबेइंतजार के बाद जिला अस्पताल में बेहोशी के डॉक्टर की नियुक्ति हुई है। उपजिला अस्पताल सोजतसिटी में कार्यरत एनेस्थिसिया डॉ. जयंत शर्मा को जिला अस्पताल में लगाया है। जिन्होंने बुधवार को यहां अपना कार्यभार संभाल लिया है। यहां दो सर्जन, दो ऑर्थोपेडिक और तीन गायनिक डॉक्टर के बावजूद सिर्फ एनेस्थेटिक नहीं होने से यहां ऑपरेशन नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में मरीजों को ऑपरेशन के लिए मजबूरन निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था। हालांकि, सिजेरियन सर्जरी के लिए सरकारी खर्च से बाहर से बेहोशी का डॉक्टर बुलाया जाता था, लेकिन अन्य किसी भी तरह ऑपरेशन यहां बंद थे। डॉ. जयंत शर्मा ने जिला अस्पताल में पीएमओ डॉ. दर्शन ग्रोवर को बुधवार को उपस्थिति दी।
पांचडॉक्टर अन्य जगहों पर दे रहे सेवाएं : जिलाअस्पताल में कार्यरत 30 डॉक्टर्स में से पांच डॉक्टर फिलहाल दूसरी जगहों पर सेवाएं दे रहे हैं। जिनमें से एक डॉक्टर टीबी क्लिनिक, एक डिप्टी सीएमओ ऑफिस, एक डॉक्टर 21 माह के कोर्स की ट्रेनिंग और एक लंबे समय से अनुपस्थित चल रहा है।
मातृशिशु कल्याण केंद्र परिसर में खुली कैंटीन, अब रियायती दर पर मिलेगी खाने-पीने की वस्तुएं : जिलाअस्पताल के मातृ शिशु कल्याण केंद्र परिसर में कैंटिन खोली गई है। स्वयंसेवी संस्था की ओर से खोली गई इस कैंटिन में मरीजों के परिजनों को नो प्रोफिट नो लोस पर खाने-पीने की वस्तुएं मिलेगी। बुधवार सवेरे पीएमओ डॉ. दर्शन ग्रोवर और उनकी टीम ने कैंटिन का औपचारिक उद्घाटन किया।
जिला अस्पताल में बेहोशी के डॉक्टर ने दी उपस्थिति, अब ऑपरेशन के लिए नहीं जाना पड़ेगा निजी अस्पतालों में
यह था मामला
मातृशिशु कल्याण केंद्र में भर्ती तंवरी हाल कैलाशनगर निवासी दलाराम वागरी की प|ी रेखा ने 16 जून को रात 10.5 बजे बच्चे को जन्म दिया। बच्चे का जन्म सातवें महीने में होने से उसका वजन 750 ग्राम ही था। इसलिए डॉ. दिलराज मीणा ने उसे एसएनआईसीयू में उसी दिन भर्ती कर दिया। बच्चे को सांस लेने में परेशानी होने से 12 दिन तक ऑक्सीजन पर रखा। यहीं, नहीं बच्चे को पीलिया भी था। डॉक्टर और उनकी टीम की लगातार मॉनिटरिंग और देखभाल के कारण बच्चे की जान बच गई। करीब एक माह बाद बुधवार को बच्चे को छुट्टी दी गई।
जिला अस्पताल के मातृ शिशु कल्याण केंद्र में भर्ती समय से पूर्व जन्मे शिशु की डॉक्टर्स ने बचाई जान, सरकारी अस्पताल का पहला मामला
जिला अस्पताल में 30 डॉक्टर्स की टीम
अस्पतालमें 42 पद स्वीकृत है, जिसकी एवज में 30 पद भरे हुए है। सर्जन, फिजिशियन, गायनिक, ऑर्थोपेडिक, ईएनटी और डेंटल जैसे विशेषज्ञों के पद पर तो दो-दो, तीन-तीन डॉक्टर कार्यरत है। इसके अलावा चर्म यौन रोग विशेषज्ञ, सोनोग्राफी विशेषज्ञ, मनो चिकित्सक, पैथोलॉजिस्ट और एनेस्थीसिया के पद भी लंबे समय बाद भरे गए हैं।
सिरोही. जिला अस्पताल में नवजात का उपचार किया गया।
जिला अस्पताल में एनेस्थिसिया के डॉक्टर ने ज्वाइन किया।